Wednesday, 24 July 2013

शांति और आरोग्यता पाने हेतु हनुमान जी का मंत्र

शांति और आरोग्यता पाने हेतु हनुमान जी का मंत्र



अगर अशांति मिटाना है तो दोनों नथुनों से श्वास ले शांति शांति जप करें और फिर फूँक मार के अशांति को बाहर फेंक दें | संध्या काल में किया हुआ ये प्रयोग भी अशांति को भागने में बड़ी मदद देगा | अगर निरोगता करनी है तो आरोग्यता के भाव से श्वास भरें आरोग्य का मन्त्र "नासे रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमंत बीरा " ऐसा जप करके रोग गया, ऐसा १० बार करें कैसा भी रोगी, कैसा भी अशांत, कैसा भी बिखरा हुआ जीवन हो उसका जीवन संवर जायेगा उसका | तारे नही दीखते है, चंद्रमा नही दीखता है और सूरज अभी आने वाले है वो मन्त्र सिद्धि योग है मनोकामना सिद्धि योग है |


To Achieve Peace and Health :-


To remove disturbances and restlessness of the mind, breathe in air through both nostrils and chant Om Shanti Shanti and then breathe out the restlessness by blowing it away through mouth. Doing this during the Sandhya Kal (i.e sunrise,12:00 noon, sunset time) will also help to achieve peace of mind.To eradicate diseases, breathe in and chant this health mantra: “Nase rog hare sab pida japat nirantar Hanumant beera.” By chanting this mantra, all diseases will be eradicated. Do this mantra 10 times. Whatever sicknesses, diseases, or disturbances one has or however uncontrollable or in shambles your life appears to be, your life will be transformed for the better. When the stars and the moon are not visible and the sun is about to rise, that period of time in the morning (dawn) is the time that you can achieve a lot by chanting mantra. By doing this wishes will be fulfilled.





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