Saturday, 10 August 2013

खाने से जुड़ी इन बातों को याद न रखा तो कभी नहीं रह पाएंगे पूरी तरह स्वस्थ

खाने से जुड़ी इन बातों को याद न रखा तो कभी नहीं रह पाएंगे पूरी तरह स्वस्थ




खाने के विषय में हर व्यक्ति की अलग सोच और पसंद होती है। लेकिन खाने से जुड़ी कुछ गलतफहमियां ऐसी हैं जो हम में से अधिकांश लोगों को है। जैसे ज्यादा खाने से या मेवे व घी ज्यादा खाने से सेहत बनती है। ऐसी ही कुछ गलतफहमियां हैं। जिन्हे आज हम आपको बताने जा रहे हैं। ये खाने से जुड़ी कुछ ऐसी ही बातें हैं। जिनसे परिचित होना बहुत जरूरी है क्योंकि जब तक आप खाने से जुड़ी इन बातों से परिचित नहीं होंगे तब तक आप पूरी तरह स्वस्थ नहीं रह पाएंगे।

आवश्यकता और पचाने के क्षमता से अधिक भोजन शरीर को ताकत की बजाय अधिक कमजोर ही बनाता है। इसलिए ज्यादा न खाएं।

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पहले खाए हुए के पचने से पूर्व ही दोबारा खा लेने पर पाचन-तंत्र गड़बड़ा जाता है। इसलिए एक बार खाने के बाद पूरी तरह पेट खाली होने पर ही कुछ खाएं।

ज्यादा घीमेवे-मिठाई और पकवान खाने से नही बल्कि ऐसी भारी चीजों को पचाने क्षमता से शरीर की ताकत बढ़ती है। पाचन-शक्ति से अधिक पोष्टिक भोजन करने से कब्जियत की समस्या होने लगती है। इसलिए इन चीजों को अपनी पाचन शक्ति के अनुसार ही खाएं। 

बेमेल भोजन करने से भी शरीर की शक्ति बर्बाद होती है। इसलिए ठंडा-गर्म या जिन चीजों का एक साथ सेवन निषिद्ध माना गया है। उनके सेवन से बचें।

पर्याप्त परिश्रम या शारीरिक मेहनत करने से पहले ही बार-बार भोजन करते रहने से धीरे-धीरे शरीर बीमारियों का घर बनने लगता है।

भोजन करने के बाद अच्युताय हरड-रसायन गोली की 2-2 गोलीयाँ दिन में दो से तिन बार चूसकर अथवा पानी के साथ ले । हरड व गुड के सम्मिश्रण से बना यह योग त्रिदोषशामक व शरीर को शुद्ध करने वाला उत्तम रसायन योग है। इसको चूसकर सेवन करने से भूख खुलती है अजीर्णअम्लपित्त, संग्रहणी,उदरशूल,अफरा,कब्जआदि पेट के विकार दूर होते है।

 यह सोचना गलत है कि अंडे और मांसाहार करने से शरीर शक्तिशाली बनता हैआप रूखा-सूखा या शाकाहारी भोजन करके भी सर्वशक्तिशाली बन सकते हैंबशर्ते आप की पाचन-शक्ति अच्छी होना चाहिये। शक्ति का प्रतीक घोड़ा जिंदगी भर सिर्फ घांस खाकर भी शक्तिशाली बन जाता है।

- रात को सोते समय अच्युताय त्रिफला टेबलेट की 2 से 3 गोलियाँ गुनगुने या सादे पानी

के साथ ले ।

-  25-30 
की उम्र पार करने बाद शरीर में पहले जैसी पाचन-शक्ति नहीं रह जाती इसीलिये 30 की आयु के बाद डटकर खाने की आदत को छोड़ देना चाहिये।


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