Friday, 9 August 2013

बिना साइड इफैक्ट नींद न आने की परेशानी दूर हो जाएगी

बिना साइड इफैक्ट नींद न आने की परेशानी दूर हो जाएगी



हमारे शरीर के लिए जितना जरूरी भोजन है, दिमाग के लिए उससे अधिक नींद होती है, जो इंसान भरपूर नींद लेता है उसका मानसिक विकास भी उतना ही अच्छा होता है। लेकिन आजकल नींद न आने के कारण ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं। अकारण नींद न आना ही अनिद्रा की बीमारी है। नींद में उपयोगी कुछ घरेलू नुस्खे निम्र प्रकार है।

सर्पगन्धा, ये नाम आपने शायद ही सुना हो लेकिन आयुर्वेद में ये बहुत ही उपयोगी जड़ी के रूप में वर्णित है। जैसे कि नाम से ही स्पष्ट हो जाता है, यह सर्प या सांप के काटने पर दवा के नाम पर प्रयोग में आता है। सांप काटने के अलावा इसे बिच्छू काटने के स्थान पर भी लगाने से राहत मिलती है। दो-तीन साल पुराने पौधे की जड़ को उखाड़ कर सूखे स्थान पर रखते है, इससे जो दवा निर्मित होती हैं, उसका उपयोग उच्च रक्तचाप, गर्भाशय की दीवार में संकुचन के उपचार में करते हैं। इसकी पत्ती के रस को निचोड़ कर आंख में दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है। अनिद्रा, हिस्टीरिया और मानसिक तनाव को दूर करने में सर्पगन्धा की जड़ का रस काफी उपयोगी है। इसकी जड़ का चूर्ण पेट के लिए काफी लाभदायक है। इससे पेट के अन्दर की कृमि खत्म हो जाती है।

पहचान- सर्पगन्धा के पौधे की ऊंचाई 6 इंच से 2 फुट तक होती है। इसकी प्रधान मुख्य जड़ प्राय: 20 से. मी. तक लम्बी होती है। जड़ में कोई शाखा नहीं होती है। सर्पगन्धा की पत्ती एक सरल पत्ती का उदाहरण है। इसका तना मोटी छाल से ढका रहता है। इसके फूल गुलाबी या सफेद रंग के होते हैं।

उपयोग- इसकी जड़ भी बहुत उपयोगी मानी जाती है। जिन लोगों को अनिद्रा की समस्या होती है, उनके लिए तो ये जड़ी वरदान है। यदि इसकी जड़ के चूर्ण का सेवन करना चाहें तो इसकी जड़ को खूब बारीक पीसकर कपड़े से छानकर महीन पावडर बना लें। अनिद्रा दूर कर नींद लाने के लिए इसे 2 ग्राम मात्रा में सोने से घण्टेभर पहले ठण्डे पानी के साथ ले लेना चाहिए।

सावधानी- यही मात्रा मानसिक उत्तेजना व उन्माद को शान्त करने के लिए सेवन योग्य है। इसका अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए और बहुत कमजोर शरीर वाले व्यक्ति को भी इसका सेवन किसी वैद्य से परामर्श करके ही करना चाहिए।

- अनिद्रा रोग में दूध का सेवन बहुत लाभकारी होता है। रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुना दूध में अच्युताय अश्वगँधा चूर्ण मिला कर पीएं, इससे शरीर को तुरंत शक्ति प्राप्त होती है। जिससे शरीर में स्फूर्ति आती है। मस्तिष्क तरोताजा हो जाता है परिणामस्वरूप नींद आसानी से आ जाती है।

- मीठे पदार्थो का सेवन नींद लाने में सहायक होता है। रोजाना रात को सोने से पहले पचास ग्राम गुड़ या कोई मीठी चीज खाने से अनिद्रा रोग का नाश होता है लेकिन डाइबिटीज के मरीजों को ये प्रयोग नहीं करना चाहिए।

- ‘’अच्युताय शंखपुष्पी सिरप’’ २ से ४ चम्मच सुबह-शाम लेने पर रात को नींद आसानी से आ जाती है। ।

-प्याज को भूनकर उसे पीसकर रस निकाल लीजिए और दो बड़े चम्मच रस नियमित पीजिए, इससे नींद न आने की शिकायत दूर हो जाती है।

- सोने से करीब दो घंटे पहले रात का भोजन करना चाहिए। कभी भी खाना खाकर तुरंत नहीं सोना चाहिए और ना ही भारी-भरकम भोजन करना चाहिए, हमेशा रात का खाना हल्का होना चाहिए।


- सुबह जल्दी उठकर किसी पार्क में घुमने जाएं, योगा करें। सुबह की धूप के नियमित सेवन से मिलैटोनिन नामक हारमोन के निर्माण में वृद्धि होती है, जो गहरी नींद में सहायक होता है। दोपहर के बाद चाय-काफी न लें। जिन लोगों को नींद न आने की परेशानी होती हैं वे लोग कैफीन के प्रति संवेदनशील होने के कारण चाय-काफी पीने से बचते हैं और अगर कहीं यह परेशानी आप को भी है तो आप भी इससे बचें।



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