Friday, 14 August 2015

शहद की बेहतरीन खूबियाँ और प्रयोग

>>>  शहद की बेहतरीन खूबियाँ और प्रयोग <<<


























<> अदरक का रस और शहद मिलाकर सेवन करने से खांसी-जुकाम में बहुत आराम मिलता है.

<> मुहांसों पर रात में सोते समय दालचीनी चूर्ण और शहद मिलाकर लगायें और सुबह धो लें, मुहांसे ठीक होंगे और दाग भी नहीं रहेंगे.

<> हलके गुनगुने पानी में शहद और नीम्बू का रस मिलाकर सुबह पीने से वजन कम होता है,कब्ज दूर होता है, साथ ही शरीर से विषैले तत्व बाहर निकल जाते है.

<> होठों पर शहद लगाने से होंठ नर्म,मुलायम होते हैं.

<> एक चम्मच लहसुन का रस और शहद मिलाकर दिन में दो बार सुबह शाम पीने से ब्लड प्रेशर काबू में रहता है .



Thursday, 13 August 2015

शरीर को पुनः नया बना देता है पुनर्नवा



>>> शरीर को पुनः नया बना देता है  पुनर्नवा <<<


























<> पुनर्नवा सुजन को नष्ट करती है यह ह्रदय रोग व किडनी के विकारों में (पथरी,किडनी फेल्युअर, किडनी की सुजन आदि) में विशेष लाभदायी है 

<> प्रोस्टेट ग्रंथि में वृद्धि होने पर पुनर्नवा की जड़ के चूर्ण का सेवन करें

<> संधिवात में पुनर्नवा के पत्तों की भाजी सोंठ डालकर खायें।

<> पैर की एड़ी में वेदना होती हो तो पुनर्नवा में सिद्ध किया हुआ तेल पैर की एड़ी पर लगाए एवं सेंक करें।

<> मोटापा दूर करने के लिए पुनर्नवा के 5 ग्राम चूर्ण में 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह-शाम लें। पुनर्नवा की सब्जी बना कर खायें।

<> पेट के रोगः गोमूत्र एवं पुनर्नवा का रस समान मात्रा में मिलाकर पियें।






दिमाग की शक्‍ति बढाए ब्राह्मी



>>> दिमाग की शक्‍ति बढाए ब्राह्मी <<<



























जिन बच्चे पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते हैं या उनमें एकाग्रता की समस्या है तो उन्हें 200 मिली गर्म दूध में 1 चम्मच ब्राह्मी का चूर्ण हर रोज खाने के लिए दें।
लगातार मानसिक कार्य करने से थकान हो जाने पर जब व्यक्ति की कार्यक्षमता घट जाती है तो ब्राह्मी के उपयोग से आश्चर्यजनक लाभ होता है।
ब्राह्मी की ताजी पत्तियों का स्वरस 2.5 मिलीग्राम मात्रा में शहद लेकर सेवन करें, इससे भी रक्तचाप नियंत्रित रहेगा।
यदि पेशाब में तकलीफ हो या पेशाब रूक रहा हो तो बस ब्राह्मी के दो चम्मच स्वरस में मिश्री मिलाकर दें। इससे पेशाब खुल कर आएगा।

जिन व्यक्तियों को अनिंद्रा से सम्बन्धित शिकायत रहती है, उन्हे यह प्रयोग करना चाहिए। सोने से 1 घन्टा पूर्व 250 मिली0 गर्म दूध में 1 चम्मच ब्रहमी का चूर्ण मिलाकर नित्य सेवन करने से रात्रि में नींद अच्छी आती है


Tuesday, 11 August 2015

बिजली जैसी ताकत प्रदान करने वाली...मूसली

बिजली जैसी ताकत प्रदान करने वाली...मूसली 



<> यह उत्तम बलप्रद, पौष्टिक, रसायन, कांति-वर्धक एवं उत्कृष्ट वीर्यवर्धक है ।
<> नियमित सेवन से शरीर की सभी धातुओं का पोषण होकर शरीर सुदृढ़ बनता है ।
<> यह मांस-पेशी, अस्थियाँ एवं स्नायुओं की दुर्बलता दूर करके उनका बल बढाता है ।
<> दुर्बल रोगियों का वजन एवं बल बढाकर शरीर को मजबूत बनाता है ।
<> यह बुद्धिशक्ति एवं स्मृतिशक्ति बढाकर मानसिक क्षमता को बढाता है ।
<> शारीरिक-मानसिक दुर्बलता, स्वप्नदोष, पेशाब के साथ धातु जाना, वीर्य का पतलापन,शीघ्रपतन, शुक्राणु की कमी,में भी लाभदायी है ।

Monday, 10 August 2015

अच्युताय बल्य रसायन (Achyutaya Balya Rasayana)





 अच्युताय बल्य रसायन (Achyutaya Balya Rasayana)



यह चूर्ण उत्तम बलप्रद, पौष्टिक, रसायन, कांति-वर्धक एवं उत्कृष्ट वीर्यवर्धक है |

इसके नियमित सेवन से शरीर की सभी धातुओं का पोषण होकर शरीर सुदृढ़ बनता है एवं शरीर स्वस्थ व तंदुरस्त रहता है | यह मांस-पेशी, अस्थियाँ एवं स्नायुओं की दुर्बलता दूर करके उनका बल बढाता है | कृश एवं दुर्बल रोगियों का वजन एवं बल बढाकर शरीर को मजबूत बनाता है |

यह बुद्धिशक्ति एवं स्मृतिशक्ति बढाकर मानसिक क्षमता को बढाता है | मन में उत्साह, स्फूर्ति, आत्मविश्वास आदि गुणों का विकास करके विभिन्न प्रकार के मानसिक रोगों से रक्षा करता है |

यह शारीरिक-मानसिक दुर्बलता, स्वप्नदोष, पेशाब के साथ धातु जाना, वीर्य का पतलापन, शीघ्रपतन, शुक्राणु की कमी, समय पूर्व की वृद्धावस्था, खून की कमी एवं कमर दर्द आदि रोगों में भी लाभदायी है | यह शुक्राणुओं की वृद्धि करता है, अत: जिन पुरुषों में शुक्राणु की कमी (Oligospermia) के कारण संतान न होती हो उनके लिए भी अत्याधिक लाभप्रद है |

यह रोगप्रतिकारक शक्ति बढाकर विभिन्न प्रकार के शारीरिक-मानसिक रोग एवं ऋतुपरिवर्तन जन्य रोगों से रक्षा करता है ||

सेवनविधि – 1 ग्लास दूध में 1 चम्मच शुद्ध घी तथा 5 ग्राम (1 चम्मच) बल्य रसायन चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय (भोजन के डेढ़-दो घंटे बाद) लें |










 

अच्युताय सुवर्णप्राश टेबलेट (Achyutaya Suvarna Prash Tablet)


अच्युताय सुवर्णप्राश टेबलेट (Achyutaya Suvarna Prash Tablet)


सुवर्ण भस्म से पुष्य नक्षत्र में बनाई यह पुण्यदायी गोली आयु,शक्ति,मेधा,बुद्धि,कांति व जठराग्निवर्धक तथा ग्रहबाधा निवारक, उत्तम गर्भपोषक है ।गर्भवती स्त्री इसका सेवन करके निरोगी,तेजस्वी ,मेधावी संतती को जन्म दे सकती है ।

Suvarna Prash Tablet:
Benefits :- This Suvarnaprash(complete brain tonic) is enriched with pure gold & keshar is best tonic for the intellectual, mental & physical growth of body.
When use daily from the frist day of life to 2 yr. of age child becomes shrutidhar(highest grasping power), healthy and becomes immune to commen childhood illnesses.
Also after 2 yr. of age improves all three aspect of memory(grasping, storage & recollection), physical strength, glow, immunity power in children & in other age groups. Prevent age related degenerative CNS disorders viz. alzheimer’s disease, parkinsonism etc.
When use by pregnant lady specifically from 3rd to 9th month helps in development of brain & other part of body, prevents congenital malformation in fetus and also maintain health of mother. She will have a medhavi, Tejasvi & healthy baby.

Direction For Use :-
  • 1st day of life to 15 days – 1/8 tab. once a day.
  • 15 days to 3 month – ¼ tab. once a day.
  • 3 month to 6 month - ½ tab. once a day.
  • 6 month to 2 yr. - 1 tab. once a day.
  • 2 yr. to 5 yr. - 1 tab. twice a day.
  • ≥ 5 yr. - 2 tab. twice a day.
With cow’s milk / ghee on empty stomach OR as directed by physician.

Main Ingredients :- Suvarna Bhasma, Saffron(keshar), Suvarna makshika Bhasma, Acorus Calamus(Vacha) & other medicine that act as a brain tonic.




आंवले के औषधीय गुण देखकर आप दंग रह जायेगे

आंवले के औषधीय गुण देखकर आप दंग रह जायेगे


 



















 आंवले के अन्दर विटामिन `सी´ भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसकी खास बात यह है कि इसके विटामिन गर्म करने और सुखाने से भी खत्म नहीं होते।

आंवला युवको को जवान बनाए रखता है और बूढ़ों को युवाशक्ति प्रदान करता है।

आंवला हमारे दांतों और मसूढ़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है एवं तन-मन को फुर्तीला बनाता है।

नर्वस सिस्टम (स्नायु रोग), हृदय की बेचैनी, धड़कन, मोटापा, जिगर,ब्लडप्रेशर, दाद, प्रदर, गर्भाशय दुर्बलता, नपुसंकता, चर्म रोग, मूत्ररोग एवं हडिड्यों आदि के रोगों में आंवला बहुत उपयोगी होता है।

एलोवेरा से बेहतर कुछ नहीं

एलोवेरा से बेहतर कुछ नहीं






















* एलोवेरा का जूस बवासीर, डायबिटीज़, गर्भाशय के रोग तथा पेट के विकारों को दूर करता है।
* गुलाब जल में एलोवेरा का रस मिलाकर त्वचा पर लगाने से त्वचा में नमी बरकरार रहती है और खोई नमी लौटती है।
* कहीं भी जलने या चोट लगने पर एलोवेरा का रस लगाने से बहुत आराम मिलता और वो तेज़ी से भी ठीक होती है।
* घृतकुमारी अल्पमात्र में दीपन, पाचन, कटुपौष्टिक, यकृत उत्तेजक तथा बड़ी मात्रा में विरेचन, कृमिघ्न, रक्तशोधक, आर्त्तजनन, गुण वाली होती है। वर्तमान समय में एलोजेल का सौन्दर्य प्रसाधन में अत्यधिक उपयोग किया जा रहा है, विभिन्न प्रकार के आयुर्वेदिक उत्पाद सभी संत श्री आशारामजी आश्रम व समितियों के सेवाकेन्द्रों पर उपलब्ध हैं।


अमृत तुल्य गुणों की खान अमृता (गिलोय)

अमृत तुल्य गुणों की खान अमृता (गिलोय)

 



















*इसके स्वरस में मधु मिलाकर सेवन से बल बढता है।
*सौठ चूर्ण के साथ लेने पर मंदाग्नि दूर होती है।
*इसके चूर्ण लेने से मूत्र दाह दूर होकर मूत्र साफ आता है।
*इसकी जड का क्वाथ पिलाने से बारी से आने वाला ज्वर मिटता है।
* घृत के साथ सेवन करने से वात रोग मिटता है।
* गुड के साथ सेवन करने से कब्ज मिटती है।
* गिलोय, हरड, नागर मोथा चूर्ण को मधु के साथ सेवन करने से मेदो रोग(मोटापा चर्बी) मिटता है।


अच्युताय शंखपुष्पी सिरप (Achyutaya Shankh Pushpi Syrup)





अच्युताय शंखपुष्पी सिरप (Achyutaya Shankh Pushpi Syrup)   


(1)Product Name :- Achyutaya  Shankh-Pushpi Syrup
(2)Quantity :- 200 ml.
(3)Direction For Use :- 1 to 2 t.s.f. once or twice a day ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
(4)Benefits :-  Increases grasping, storage & recollection power all the three aspect of memory. It increases mental strength to work more efficiently for longer time i.e. prevents early mental fatigue. It given nutrition to the neurons and removes waste products thereby prevents & delays age related degeneration.
              Useful in mild mental retardation, cerebral palsy, attention deficit hyperactivity disorders, lack of concentration, insomnia and neurotic disorders, epilepsy & psychosis etc.

(5)Main Ingredients :- convolvulus pluricaulis(shankhpushpi), Nardostachys jatamansi(vacha), Bacopa monieri(brahmi) & other medicine that act as a brain tonic.






 

अच्युताय कफ सिरप(Achyutaya Cough Syrup)




अच्युताय कफ सिरप(Achyutaya Cough Syrup)


सभी प्रकार के श्वासनली के विकार ,सर्दी खांसी ,दमा तथा सूखी खांसी में अत्यंत लाभकारी ,



(1)Product Name :- Achyutaya  Cough Syrup
(2)Quantity :- 100 ml.
(3)Direction For Use :- 1 to 2 t.s.f. twice a day ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
(4)Benefits :-  Useful in dry cough, productive cough, asthma, chronic obstructive lung disease viz. bronchitis, emphysema etc., allergic cough, interstitial lung disease. etc.
(5)Main Ingredients :- Adhatoda vasica(ardusi), Curcuma longa(haldi), Glycerrhiza glabra(Yastimadhu) etc. 







अच्युताय लिवर टोनिक सिरप(Achyutaya Liver Tonic Syrup)





अच्युताय लिवर टोनिक सिरप(Achyutaya Liver Tonic Syrup)


सभी प्रकार के यकृत,
खून की कमी, पीलिया, रक्त-
विकार, कमजोरी, भूख न
लगना, अरुचि, कब्ज, पेट दर्द
तथा गैस में अत्याधिक लाभप्रद मात्रा: 1 से 2 चम्मच सुबह-शाम 

(1)Product Name :- Achyutaya Liver Tonic Syrup
(2)Quantity :- 100 ml.
(3)Direction For Use :- 1 to 2 t.s.f. once or twice a day ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
(4)Benefits :-  For all types of liver disease, anaemia, jaundice, blood impurities, weakness, constipation & gas trouble.

(5)Main Ingredients :- Aloe Barbedensis(gwarpatha), picrorrhiza kurro(kutki), Tinospora cordifolia(Giloy) etc







 

अच्युताय हरड-रसायन गोली(Achyutaya Harad Rasayan Tablet)




अच्युताय हरड-रसायन गोली(Achyutaya  Harad Rasayan Tablet)


उपयोग : हरड व गुड के सम्मिश्रण से बना
यह योग त्रिदोषशामक व शरीर को शुद्ध करने
वाला उत्तम रसायन योग है। इसको चूसकर
सेवन करने से भूख खुलती है अजीर्ण, अम्लपित्त,
संग्रहणी,उदरशूल,अफरा,कब्ज, आदि पेट के
विकार दूर होते है। छाती व पेट में संचित कफ
को यह नष्ट करता है ।अतः श्वास, खाँसी व गले
के विविध रोगों में भी लाभदायी है ।इसके नियमित
सेवन से बवासीर,आमवात,वातरक्त,(Gout),
कमरदर्द,जीर्णज्वर,किडनी के रोग, पांडूरोग व
यकृत-विकारो में लाभ होता है यह ह्रदय के
लिए बलदायक व श्रमहर है ।
मात्रा : 2-2 गोलीयाँ दिन में दो
से तिन बार चूसकर अथवा पानी
के साथ ले  । 

 (1)Product Name :- Achyutaya Harad Rasayan Tablet
(2)Quantity :- 85 g.
(3)Direction for use :- 2 to 3 tab. twice a day ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals).  OR as directed by physician.
        Note :- Do not take milk 2 hr. before & 2 hr. after medicine.
(4)Benefits :- Harad with jaggary function as a rasayan i.e. delays aging & improve immunity power. It balances all the three doshas.
            By regular use it maintain proper digestion, absorption, and metabolism of food, removes waste product from each and every cell of body i.e. functioninig like a homeostatic agent.
            Useful in malabsorption syndroms, dysentery, tympanitis, gas trouble, constipation, piles, indigestion, long standing low grade fever, skin disease etc.
(5)Main ingredients:- Terminalia  chebula (Harad)














अच्युताय च्यवनप्राश केशर ( Achyutaya Kesharyukta Chyawanprash )



अच्युताय च्यवनप्राश केशर(Achyutaya Kesharyukta Chyawanprash)


सुवर्ण,चाँदी,लोह व् ताम्र सिद्ध जल में उबले हुए वीर्यवान
आँवलो में 56 बहुमूल्य जड़ी-बूटियों के साथ हिमालय से
लायी गयी दिव्यौषधि वज्रबला तथा चाँदी,लोह,बंग व
अभ्रक भष्म एवं शुद्ध केसर मिलाकर गाय के घी में आश्रम
के पवित्र वातावरण में वैदिक मन्त्रोच्चार के साथ इस रसायन
को बनाया गया है ।नैसर्गिक जीवन तत्वों व शक्तिशाली
खनिज द्रव्यों से भरपूर होने के कारण यह शरीर की समस्त
आवश्यकताओं की पूर्ति व कोशिकाओं का नवनिर्माण करता
है ।इस च्यवनप्राश का सेवन स्वस्थ या रुग्ण, युवक, वृद्ध,
दुर्बल, स्त्रीसंभोग से क्षीण, श्वास, राजयक्ष्मा,ह्रदयरोग से
पीड़ित सभी लोग सब ॠतुओं में कर सकते है ।

आश्रम के संतो व आयुर्वेदाचार्यो दवारा
परीक्षणों के बाद इस अद्वितीय व अमूल्य
च्यवनप्राश का निर्माण किया गया है ।

बुद्धि, तेज, वीर्य, उत्साह, प्रसन्नता को
बढाकर, नवचेतना प्रदान करता है ।
बुढ़ापा दूर होकर चिरयौवन,दीर्घायु की
प्राप्ति व रोगों से सुरक्षा होती है ।

यह ह्रदय,यकृत, व फेफडों को
बल प्रदान कर शरीर को हष्ट-पुष्ट
व शक्तिशाली बनाता है ।   


(1)Product Name :-  Achyutaya Kesharyukta Chyawanprash 
(2)Quantity :- 1000 gm. / 500 gm.
(3)Direction For Use :- 1 to 2 t.s.f. once or twice a day on empty stomach ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals) OR as directed by physician.  
(4)Benefits :- By virtue of keshar & powerful bhasma specially useful for persons with heavy mental work, weakness, anaemia, spermatorrhoea, night fall, sexual dysfunction etc.
             By using this divine rasayan Old Chyawan Rushi regained youth.
           It improves & maintains youth, memory, grasping power, skin glow, physical strength.
           Useful in chronic deabilitating diseases, T.B., chronic respiratory tract disorders, malnourished & thin built individuals.
          Useful in male & female infertility. The best health booster for daily use in all age group.
(5) Main Ingredients :- Saffron(keshar), Emblica officinalis(amla), Boerhaavia Diffusa(punarnava) and more than 56 divine medicine from himalaya.